श्री वील्हाजी कृत धूप मन्त्र:
ओउम वर्ष सात संसार, बाल लीला निरहारी |
वर्ष पांच बाईस पाले, बहुता धेनु चारी ||
ग्यारह ऊपर चालीस, शब्द कथिया अविनाशी |
बाल ग्वाल गुरु ज्ञान,सकल पूगा सवा पच्यासी ||
पन्दरा सौ तिरानवे वदी मिगसर नौ आगले |
पालटियो रूप रहिया ध्रुव अडिग ज्योति समराथ्ले ||
वर्ष पांच बाईस पाले, बहुता धेनु चारी ||
ग्यारह ऊपर चालीस, शब्द कथिया अविनाशी |
बाल ग्वाल गुरु ज्ञान,सकल पूगा सवा पच्यासी ||
पन्दरा सौ तिरानवे वदी मिगसर नौ आगले |
पालटियो रूप रहिया ध्रुव अडिग ज्योति समराथ्ले ||